Ek aadarsh jivan
समस्त कठिनाइयों का एक ही उदगम है-मानवीय दुर्बुद्धि। जिस उपाय से दुर्बुद्धि को हटाकर सद॒बुद्धि स्थापित की जा सके, वहीं मानव कल्याण का ,विश्व शांति का समाधान कारक मार्ग हो सकता है इसलिए अपने जीवन को सुंदर साफ स्वच्छ और पवित्र बनाएं,सत्य की खोज में निकले क्योंकि शास्त्र वचन कहता है तुम सत्य को जानोगे सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा। मन की तरंग मार लो बस हो गया भजन आदत बुरी सुधार लो बस हो गया भजन तुझे को भला बुरा कहे तू प्रेम कर क्षमा www.shashakt.blogspot.com वाणी के स्वर संभाल लो बस हो गया भजन। By-yogendra soni shashakt2.blogspot.com